Thursday, 1 October 2026

जहाँ तंग गलियों में कभी, सन्नाटे गहरे होते थे,कुछ नन्हे सपने बंद घरों के, कोनों में रोते थे,वहाँ उम्मीद की एक किरण बनकर, जो नया सबेरा लाया है,मदनपुर-सरिता विहार में, वो **SCP फाउंडेशन ** का साया है।हाथों में कलम थमाई जिसने, बस्तों का बोझ हल्का कर,सिखलाया गणित और विज्ञान, मन का हर इक डर दूर कर,जहाँ सिर्फ दीवारों तक ही सीमित, बचपन की उड़ान थी,वहाँ खोल दिए अंबर सारे, दी ऐसी नई पहचान थी।सिर्फ किताबों के पन्नों तक, बात नहीं अब रुकती है,नन्हीं उँगलियों के छूते ही, कंप्यूटर की दुनिया झुकती है।कीबोर्ड के हर इक बटन पर, गढ़ते बच्चे तकदीर नई,मॉनिटर की इस रोशनी में, खिलती है तस्वीर नई।डिजिटल भारत के सपनों को, घर-घर तक पहुँचाया है,अंधेरे कोनों में शिक्षा का, पावन दीप जलाया है।न कोई मजबूरी रोकेगी, न मुफ़लिसी राह झुकाएगी,SCP की यह पावन बगिया, कल महक-महक मुस्काएगी।सिखलाते हैं जो जीना यहाँ, आत्मनिर्भर बनकर शान से,गूँजेगा यह नाम सदा ही, पूरे मान-सम्मान से।सेवा का यह दीप जलाकर, जग में उजियारा लाया है,सपनों को दी नई उड़ान, यह SCP फाउंडेशन की माया है।SCP FOUNDATION NGO Sarita Vihar New Delhi

जहाँ तंग गलियों में कभी, सन्नाटे गहरे होते थे,

कुछ नन्हे सपने बंद घरों के, कोनों में रोते थे,

वहाँ उम्मीद की एक किरण बनकर, जो नया सबेरा लाया है,

मदनपुर-सरिता विहार में, वो **SCP फाउंडेशन ** का साया है।

हाथों में कलम थमाई जिसने, बस्तों का बोझ हल्का कर,

सिखलाया गणित और विज्ञान, मन का हर इक डर दूर कर,

जहाँ सिर्फ दीवारों तक ही सीमित, बचपन की उड़ान थी,

वहाँ खोल दिए अंबर सारे, दी ऐसी नई पहचान थी।

सिर्फ किताबों के पन्नों तक, बात नहीं अब रुकती है,

नन्हीं उँगलियों के छूते ही, कंप्यूटर की दुनिया झुकती है।

कीबोर्ड के हर इक बटन पर, गढ़ते बच्चे तकदीर नई,

मॉनिटर की इस रोशनी में, खिलती है तस्वीर नई।

डिजिटल भारत के सपनों को, घर-घर तक पहुँचाया है,

अंधेरे कोनों में शिक्षा का, पावन दीप जलाया है।

न कोई मजबूरी रोकेगी, न मुफ़लिसी राह झुकाएगी,

SCP की यह पावन बगिया, कल महक-महक मुस्काएगी।

सिखलाते हैं जो जीना यहाँ, आत्मनिर्भर बनकर शान से,

गूँजेगा यह नाम सदा ही, पूरे मान-सम्मान से।

सेवा का यह दीप जलाकर, जग में उजियारा लाया है,

सपनों को दी नई उड़ान, यह SCP फाउंडेशन की माया है।

SCP FOUNDATION NGO 
Sarita Vihar New Delhi 

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